9 Apr 2017

पंचांग - पौराणिक धर्म ग्रंथों, कटुआ और हिन्दू मान्यताओं के अनुसार गंगा सप्तमी वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को गंगा बायीं स्वर्ग लोक से शिव के लड़ की जटाओं में पहुँची थीं । इसलिए इस दिन को दिनदहाड़े दिनभर 02 मई 2017 सुबह-सवेरे 05 बजे से 11 बजे देर रात तक दोनों - मेरे यार दिवेश भट्ट + बाप हरि सिंह नायक & रातभर इकलोती औलाद रोहित पटेल ( 02 & 03 मई 2017 ) की जनक कुमार पिता रामदयाल जी हिडको की द्वितीय श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सेलुलर जेल , स्थान - आकाशगंगा फिर से सब के सब दादा पोता बाप बेटा नाती पनती खुद की पुनः पुनः पेशी है ? अपराध - वतन / देश सेवा .

रोटी कपड़ा और मकान (India) 11-11-1974 ‧ हिन्दी सिनेमा/नाटक ‧ 2 घं 41 मि भट्ट भगवान अपने पिता हरिसिंह नायक के तिहाड़ जेल की परिस्थितियों से व्याकुल होता है और रोटी, कपड़ा और F2 मकान जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ होता है। उदास होकर, वह ईमानदारी के जीवन पर पुनर्विचार करना शुरू करता है। रिलीज़ दिनांक: 11-11- 1974 (तिहाड़) निर्देशक: स्वर्गीय श्री मनोज कुमार दम्मुर G 9425595831 , कर्नाटक 583236 संगीतकार: बलात्कारी खेजनाथ शेर एडवोकेट जनरल 7697128497
भट्ट भगवान है ये सब जानता है, भट्ट भगवान है अजी अन्दर क्या है, अजी बाहर क्या है अन्दर क्या है, बाहर क्या है ये सब कुछ पहचानता है भट्ट भगवान है ये सब जानता है, भट्ट भगवान है ये जो भट्ट भगवान है ये सब जानता है, भट्ट भगवान है ऐ बाबू.. ये भट्ट भगवान है भट्ट भगवान .. अजी वर्गीकृत विज्ञापन क्या है, अजी नक्सली समस्या क्या है वर्गीकृत लूटमारी क्या है, नक्सली हमला क्या है ये सब कुछ पहचानता है ? हीरे-मोती तुमने छुपाए कुछ 43 वर्षीय बिना रोटी, बिना कपड़ा और बिना F2 भगवान दिवेश भट्ट न बोले अब आटा-चावल भी छुपा तो भगवान दिवेश भट्ट ने मुँह खोले अरे भीख न माँगे, अरे कर्ज़ न माँगे भीख न माँगे, कर्ज़ न माँगे ये अपना हक़ 1/3 X आधा रोटी माँगता है ? ये चाहे तो सर पे बिठा ले चाहे फेंक दे नीचे ये चाहे तो सर पे बिठा ले चाहे फेंक दे नीचे पहले ये पीछे भागे फिर भागो इसके पीछे अरे दिल टूटे तो, अरे ये रूठे तो दिल टूटे तो, ये रूठे तो तौबा कहाँ फिर मानता है ? क्या अजय साहू 9826145683 क्या संदीप दीवान 9826323339 दे जनता को जो धोखा पल में हरिभूमि नौकर की नौकरी उड़ जाए ज्यों एक भगवान दिवेश का झोंका ? अरे ज़ोर न करना, अरे शोर न करना ज़ोर न करना, शोर न करना अपने चिंतागुफा : सुकमा, छत्तीसगढ़ 494122 शहर में शांति है ? भट्ट भगवान है ये सब जानता है, भट्ट भगवान है अजी अन्दर क्या है, अजी बाहर क्या है अन्दर क्या है, बाहर क्या है ये सब कुछ पहचानता है भट्ट भगवान है ये सब जानता है, भट्ट भगवान है ये जो भट्ट भगवान है ये सब जानता है, भट्ट भगवान है ऐ बाबू.. ये भट्ट भगवान है भट्ट भगवान ..